Sh. Arun Dogra. Photo source: PTC News.
श्री अरुण डोगरा: दसूहा में राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए
होशियारपुर जिले में सार्वजनिक जीवन की पारिवारिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए श्री अरुण डोगरा, जिन्हें मिक्की डोगरा के नाम से भी जाना जाता है, ने स्थानीय शासन, कांग्रेस संगठन और विधायक के रूप में अपनी राजनीतिक पहचान बनाई। उन्होंने 2017 से 2022 तक पंजाब विधानसभा में दसूहा का प्रतिनिधित्व किया।
श्री अरुण डोगरा। फोटो स्रोत: पीटीसी न्यूज़।
प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि
पीटीसी न्यूज़ के जीवन परिचय के अनुसार, उनका जन्म 1 अगस्त 1968 को दसूहा में हुआ। वे स्वर्गीय श्री रमेश चंदर डोगरा के पुत्र हैं, जो दसूहा से चार बार विधायक, पंजाब विधानसभा के उपाध्यक्ष और पंजाब के कैबिनेट मंत्री रहे। उनके पिता के लंबे राजनीतिक जीवन ने परिवार का क्षेत्र से गहरा संबंध स्थापित किया।
अरुण डोगरा के चुनावी हलफनामों के अनुसार, उन्होंने 1984 में मैट्रिक की। उनका व्यावसायिक संबंध कारोबार और कृषि से रहा है। इन गतिविधियों के साथ उन्होंने पार्टी संगठन और स्थानीय जनजीवन में भागीदारी बढ़ाई।
संगठनात्मक कार्य और स्थानीय शासन
पंजाब विधानसभा में पहुंचने से पहले उन्होंने नागरिक और सहकारी संस्थाओं में अनुभव प्राप्त किया। उनके प्रकाशित परिचय के अनुसार, वे 1998 से 2003 तक होशियारपुर में नगर पार्षद और 2006 से 2011 तक सहकारी बैंक, होशियारपुर के निदेशक रहे।
उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि में कांग्रेस संगठन की जिम्मेदारियां भी शामिल हैं। द ट्रिब्यून ने उन्हें जिला युवा कांग्रेस का पूर्व अध्यक्ष बताया है। यह विधायक बनने से पहले पार्टी संगठन में उनकी सक्रियता को दर्शाता है।
विधानसभा का सफर: 2017 में दसूहा से जीत
भाजपा विधायक अमरजीत सिंह साही के निधन के बाद हुए जुलाई 2012 के दसूहा उपचुनाव में डोगरा कांग्रेस उम्मीदवार थे। वे सुखजीत कौर साही से हार गए, लेकिन क्षेत्रीय राजनीति में सक्रिय रहे और दोबारा चुनाव लड़ा।
2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव में उन्होंने 56,527 मत प्राप्त किए और सुखजीत कौर साही को 17,638 मतों से हराया। इस जीत के साथ वे 15वीं पंजाब विधानसभा के सदस्य बने और दसूहा में कांग्रेस का प्रतिनिधित्व बहाल हुआ।
विधायी जिम्मेदारियां और क्षेत्र के मुद्दे
विधायक रहते हुए उन्होंने सार्वजनिक उपक्रम समिति और 2018–19 की प्राक्कलन समिति सहित विधानसभा की समितियों में काम किया। इन समितियों का कार्य सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं और सरकारी खर्च की जांच से जुड़ा है।
उन्होंने दसूहा को जिला बनाने की मांग का भी समर्थन किया। अप्रैल 2017 में वे उड़मुड़ और मुकेरियां के विधायकों के साथ इस मांग के पक्ष में आए और मिलकर मुख्यमंत्री से मिलने की मंशा जताई।
जनवरी 2022 की एक समीक्षा के अनुसार, जिला बनाने की मांग तब भी लंबित थी। स्वास्थ्य सेवाएं, रोजगार और कंडी क्षेत्र का विकास भी स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही चिंताओं में शामिल थे।
सार्वजनिक जीवन में निरंतर भागीदारी
2022 के विधानसभा चुनाव में डोगरा को 34,685 मत मिले। वे आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार करमबीर सिंह के बाद दूसरे स्थान पर रहे। जीत का अंतर 8,587 मत था।
विधानसभा से बाहर आने के बाद भी वे कांग्रेस की गतिविधियों में भाग लेते रहे। सितंबर 2026 की एक रिपोर्ट में होशियारपुर में वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की संगठनात्मक बैठक में उनकी उपस्थिति दर्ज है।
श्री अरुण डोगरा का सफर उनके परिवार की राजनीतिक विरासत को नगर निकाय, सहकारी संस्थाओं और पंजाब विधानसभा में उनके अपने अनुभव से जोड़ता है। 2017 की चुनावी जीत और क्षेत्रीय राजनीति में उनकी निरंतर भागीदारी दसूहा तथा होशियारपुर जिले में उनके सार्वजनिक जीवन के प्रमुख पड़ाव हैं।
Sources
- PTC News, 10 January 2022: biographical profile and institutional roles.
- ADR/MyNeta: 2017 election affidavit, education and profession.
- PRS Legislative Research: 15th Punjab Assembly profile.
- The Tribune, 13 February 2022: family background and 2012 by-election.
- The Tribune, 12 February 2022: organisational background.
- PTC News: 2017 Dasuya election result.
- The Tribune, 28 April 2017: district-status advocacy.
- The Tribune, 15 January 2022: constituency concerns.
- Dasuya Assembly election results, 2022.
- City Air News, September 2026: Congress organisational meeting.

