व्यक्तित्व परिचय — hoshiarpurtoday.com
हर क्षेत्र अपने यहाँ पले-बढ़े लोगों के मन और हृदय पर एक अमिट छाप छोड़ता है। अपनी समृद्ध विरासत, संस्कृति और मेहनतकश स्वभाव के लिए प्रसिद्ध होशियारपुर के लिए, यहाँ से निकलकर वैश्विक ऊँचाइयों तक पहुँचने वाले लोग गर्व का विषय हैं। ऐसी ही उल्लेखनीय शख्सियत हैं ब्यास देव रल्हन—दूरदर्शी उद्यमी, तकनीक विशेषज्ञ और नेक्स्ट एजुकेशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ)।
होशियारपुर की परिचित गलियों में साधारण शुरुआत से लेकर भारत की प्रभावशाली डिजिटल शिक्षण और एडटेक कंपनियों में से एक का नेतृत्व करने तक की उनकी यात्रा, क्षेत्र के युवाओं और अपने सपने पूरे करने की चाह रखने वालों के लिए प्रेरणा है।
होशियारपुर में शुरुआती जीवन और शिक्षा की नींव
शहर के जगतपुरा क्षेत्र में पले-बढ़े ब्यास देव रल्हन के बचपन और किशोरावस्था पर होशियारपुर की स्थानीय संस्कृति और जीवनशैली का गहरा प्रभाव रहा। उन्होंने आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई ब्लिस किंडरगार्टन स्कूल में की। इसके बाद उन्होंने वरिष्ठ माध्यमिक शिक्षा के लिए प्रतिष्ठित सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, घंटा घर, होशियारपुर में प्रवेश लिया।
इन ऐतिहासिक स्थानीय स्कूलों में बिताए वर्षों ने उनमें मेहनत, दृढ़ता और सीखने के प्रति गहरा सम्मान विकसित किया। बचपन से ही उनकी विश्लेषणात्मक समझ के साथ रचनात्मक रुचि भी दिखाई देती थी। पढ़ाई के प्रति जिज्ञासा और समस्याओं का समाधान खोजने की लगन साथ-साथ आगे बढ़ती रहीं।
उच्च शिक्षा में उत्कृष्टता की चाह उन्हें प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), बॉम्बे तक ले गई, जहाँ उन्होंने मास्टर ऑफ साइंस (एमएससी) की डिग्री प्राप्त की। बाद में लंदन बिजनेस स्कूल में पढ़ाई करके उन्होंने वैश्विक व्यवसाय की अपनी समझ को और व्यापक बनाया।
अंतरराष्ट्रीय अनुभव और तकनीकी विशेषज्ञता
उद्यमिता के नेतृत्व में पूरी तरह उतरने से पहले रल्हन ने अमेरिका, ब्रिटेन और जिब्राल्टर में व्यापक अंतरराष्ट्रीय अनुभव हासिल किया।
- कॉर्पोरेट परामर्श: अमेरिका में तकनीकी सलाहकार के रूप में उन्होंने Neiman Marcus, JCPenney, Target, Food Lion और Polo Ralph Lauren जैसे बड़े वैश्विक ब्रांडों और खुदरा कारोबारों के साथ काम किया।
- तकनीकी नेतृत्व: PartyGaming में उन्होंने डेवलपर और बाद में रिसर्च एवं टेक्नोलॉजी प्रमुख के रूप में काम किया। इससे बड़े सॉफ्टवेयर सिस्टम, इंजीनियरिंग प्रबंधन और डिजिटल ढाँचे में उनकी विशेषज्ञता निखरी।
दुनिया की उन्नत तकनीकों से जुड़े इस समृद्ध अनुभव ने उनके भावी उद्यमों की मजबूत नींव रखी।
शिक्षा में बदलाव: नेक्स्ट एजुकेशन की शुरुआत
वर्ष 2007 में भारतीय स्कूल व्यवस्था में बड़े डिजिटल अंतर और पुराने ढाँचों की चुनौतियों को पहचानते हुए रल्हन ने हैदराबाद स्थित नेक्स्ट एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड की सह-स्थापना की।
सीईओ के रूप में उनके नेतृत्व में नेक्स्ट एजुकेशन भारत की प्रमुख बी2बी एडटेक समाधान प्रदाता कंपनियों में शामिल हुई, जिसका प्रभाव हजारों स्कूलों के लाखों विद्यार्थियों तक पहुँचा। कंपनी स्कूल-स्तरीय (के–12) शिक्षण और सीखने के लिए नवीन तकनीकी समाधान, डिजिटल कक्षाएँ, हार्डवेयर और पाठ्यक्रम सामग्री विकसित करती है। इनका उद्देश्य रटने के बजाय विषयों की समझ और सीखने में सक्रिय भागीदारी को बढ़ाना है।
उद्योग की शुरुआती बाधाओं और स्टार्टअप की चुनौतियों के बावजूद, रल्हन के स्थिर मार्गदर्शन ने कंपनी को आर्थिक उतार-चढ़ाव से आगे बढ़ाया और भारतीय शिक्षा क्षेत्र में अग्रणी स्थान दिलाया।
जीवन-दृष्टि, रुचियाँ और विरासत
बोर्डरूम और सॉफ्टवेयर की दुनिया से दूर रल्हन अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं। परिवार को महत्व देने वाले और क्रिकेट के शौकीन रल्हन, व्यस्त कॉर्पोरेट जीवन के बीच अपने परिवार और बेटी के साथ समय बिताते हैं। उन्हें पढ़ने का भी शौक है—व्यवसाय प्रबंधन की पुस्तकों से लेकर जादुई यथार्थवाद वाले साहित्य तक उनकी रुचियाँ फैली हुई हैं।
ब्लिस किंडरगार्टन और सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, घंटा घर के दिनों से एक अग्रणी तकनीकी कंपनी के सीईओ बनने तक की उनकी कहानी बताती है कि दृढ़ संकल्प, दूरदृष्टि और समाज की प्रगति के प्रति प्रतिबद्धता हो तो पृष्ठभूमि बड़ी सफलता के रास्ते की बाधा नहीं बनती।
HoshiarpurToday.com ब्यास देव रल्हन जैसे स्थानीय नायकों की उपलब्धियों का सम्मान करता है, जो हमारी धरती से निकलने वाली अगली पीढ़ी के नवप्रवर्तकों, शिक्षकों और नेतृत्वकर्ताओं को प्रेरित करते हैं।

